March 23, 2026 | Astrology

मार्च 2026 लव मैरिज: खरमास से पहले इन 8 शुभ मुहूर्तों पर करें शादी

मार्च 2026 लव मैरिज: खरमास से पहले इन 8 शुभ मुहूर्तों पर करें शादी...

मार्च 2026 लव मैरिज: खरमास से पहले इन 8 शुभ मुहूर्तों पर करें शादी

मेरे प्यारे दोस्तों, आप सभी का abhisheksoni.in पर हार्दिक स्वागत है! जीवन में प्रेम विवाह का निर्णय लेना एक बेहद रोमांचक और खूबसूरत पड़ाव होता है। जब दो दिल एक-दूसरे के लिए धड़कते हैं और साथ सात फेरे लेने का ख्वाब देखते हैं, तो यह पल वाकई खास होता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आपके इस खूबसूरत सफर की शुरुआत अगर सही मुहूर्त में हो, तो यह आपके वैवाहिक जीवन को और भी सुखमय, सामंजस्यपूर्ण और सफल बना सकता है?

मैं, अभिषेक सोनी, आपके इस खास पड़ाव में एक मार्गदर्शक के रूप में आपके साथ हूँ। आज हम बात करेंगे मार्च 2026 में होने वाले प्रेम विवाहों के लिए सबसे शुभ मुहूर्तों की। खासकर उन जोड़ों के लिए जो खरमास के आगमन से पहले ही शादी के बंधन में बंधना चाहते हैं। खरमास एक ऐसा समय होता है जब शुभ कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है, और ऐसे में सही मुहूर्त का चुनाव और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। तो चलिए, ज्योतिष के गूढ़ रहस्यों को समझते हुए, आपके लिए मार्च 2026 के उन 8 सबसे शुभ मुहूर्तों की पड़ताल करते हैं!

मार्च 2026 में प्रेम विवाह के लिए शुभ मुहूर्त क्यों महत्वपूर्ण हैं?

प्रेम विवाह, जिसे अक्सर 'लव मैरिज' कहा जाता है, आजकल काफी आम हो गया है। इसमें जीवनसाथी का चुनाव अपनी पसंद से किया जाता है, जो भावनात्मक जुड़ाव और आपसी समझ पर आधारित होता है। लेकिन, अक्सर लोग मुहूर्त की अनदेखी कर देते हैं, यह सोचकर कि प्यार में मुहूर्त की क्या जरूरत? मैं आपको बताना चाहूंगा, यह एक बड़ी गलतफहमी है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो आत्माओं और उनके परिवारों का संगम होता है। एक शुभ मुहूर्त में विवाह करने से ब्रह्मांड की सकारात्मक ऊर्जाएं नवविवाहित जोड़े के पक्ष में काम करती हैं। यह उनके रिश्ते को स्थिरता, सुख, समृद्धि और अटूट प्रेम प्रदान करता है। विशेष रूप से प्रेम विवाह में, जहां कई बार सामाजिक या पारिवारिक चुनौतियां हो सकती हैं, एक शुभ मुहूर्त का चुनाव एक मजबूत नींव रखने जैसा होता है, जो सभी बाधाओं को पार करने में मदद करता है।

  • सकारात्मक ऊर्जा: शुभ मुहूर्त में विवाह करने से ग्रहों और नक्षत्रों की अनुकूल स्थिति का लाभ मिलता है, जिससे रिश्ते में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  • बाधाओं से मुक्ति: यह विवाह के बाद आने वाली संभावित चुनौतियों और बाधाओं को कम करने में सहायक होता है।
  • दीर्घायु और समृद्धि: ज्योतिषीय रूप से अनुकूल समय में किया गया विवाह दीर्घायु, संतान सुख और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देता है।
  • पारिवारिक सामंजस्य: शुभ मुहूर्त परिवार में भी सामंजस्य और स्वीकृति लाने में सहायक होता है।

इसलिए, अपने प्रेम को अमर बनाने और एक सुखद वैवाहिक जीवन की शुरुआत के लिए, शुभ मुहूर्त का चयन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

खरमास क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?

भारतीय ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, खरमास एक ऐसा समय होता है जिसे शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है। यह तब होता है जब सूर्य देव धनु राशि (धनु संक्रांति) या मीन राशि (मीन संक्रांति) में प्रवेश करते हैं। मार्च 2026 में, सूर्य देव 14 मार्च 2026 (शनिवार) को मीन राशि में प्रवेश करेंगे, और इसके साथ ही खरमास का आरंभ हो जाएगा। यह खरमास 13 अप्रैल 2026 तक रहेगा।

खरमास में क्यों नहीं किए जाते शुभ कार्य?

पौराणिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, जब सूर्य धनु या मीन राशि में होते हैं, तो वे कमजोर स्थिति में माने जाते हैं। सूर्य को आत्मा, ऊर्जा और शुभता का कारक माना जाता है। जब सूर्य कमजोर होते हैं, तो उनके शुभ प्रभावों में कमी आ जाती है, जिससे शुभ कार्यों में बाधाएं उत्पन्न होने की आशंका रहती है।

  • विवाह: खरमास में विवाह करने से दांपत्य जीवन में कलह, मतभेद और आर्थिक परेशानियां आने की संभावना रहती है। रिश्ते की नींव कमजोर हो सकती है।
  • गृह प्रवेश: नए घर में प्रवेश करने से नकारात्मक ऊर्जा का वास हो सकता है।
  • नया व्यवसाय: नए व्यापार या कार्य की शुरुआत करने से उसमें सफलता नहीं मिलती या बाधाएं आती हैं।
  • मुंडन, उपनयन संस्कार: ऐसे संस्कार भी खरमास में नहीं किए जाते।

इसलिए, मार्च 2026 में जो भी जोड़े विवाह करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें 14 मार्च 2026 से पहले ही विवाह संपन्न करा लेना चाहिए, ताकि वे खरमास के नकारात्मक प्रभावों से बच सकें और एक शुभ शुरुआत कर सकें। यही कारण है कि खरमास से पहले के शुभ मुहूर्त इतने महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

मार्च 2026 के 8 सबसे शुभ लव मैरिज मुहूर्त: खरमास से पहले!

अब समय आ गया है उन शुभ तारीखों को जानने का, जिन पर आप खरमास से पहले अपने प्रेम विवाह को संपन्न कर सकते हैं। मैंने आपके लिए ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर मार्च 2026 की कुछ ऐसी तारीखें चुनी हैं, जो विवाह के लिए अत्यंत शुभ हैं। इन तारीखों पर ग्रहों और नक्षत्रों का ऐसा संयोग बन रहा है जो आपके दांपत्य जीवन को प्रेम और खुशियों से भर देगा।

  1. 1 मार्च 2026, रविवार

    यह मार्च 2026 का पहला और एक बहुत ही शुभ दिन है। इस दिन का पंचांग देखें तो, फाल्गुन मास की दशमी तिथि पड़ रही है। दशमी तिथि को 'सिद्धिदा' भी कहा जाता है, जो किसी भी कार्य को सिद्ध करने वाली मानी जाती है। इसके साथ ही, इस दिन मृगशिरा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल है, जो ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक है। वहीं, चंद्रमा भी वृषभ राशि में उच्च का होगा, जो मन को स्थिरता और शांति प्रदान करता है। रविवार का दिन भगवान सूर्य देव को समर्पित होता है, जो जीवन में प्रकाश और ऊर्जा भरते हैं। यह योग प्रेम विवाह के लिए विशेष रूप से शुभ है, क्योंकि यह रिश्ते में ऊर्जा, जुनून और स्थिरता लाता है। यह तारीख आपके प्रेम विवाह की शुरुआत के लिए एक मजबूत और सकारात्मक आधार प्रदान करेगी।

  2. 3 मार्च 2026, मंगलवार

    मंगलवार का दिन ऊर्जा और साहस का प्रतीक है। इस दिन आर्द्रा नक्षत्र रहेगा। आर्द्रा नक्षत्र के देवता भगवान शिव हैं और इसका स्वामी राहु है। हालांकि राहु को कुछ मामलों में अशुभ माना जाता है, लेकिन विवाह के संदर्भ में, विशेषकर प्रेम विवाह में, यह परिवर्तन और रोमांच को बढ़ावा देता है। वहीं, इस दिन एकादशी तिथि पड़ रही है, जो अत्यंत पवित्र और शुभ मानी जाती है। इस तिथि को भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जो रिश्ते को दीर्घायु और समृद्धि प्रदान करते हैं। विवाह में आने वाली किसी भी बाधा को दूर करने के लिए यह दिन बहुत अनुकूल है। प्रेम विवाह में अक्सर आने वाली सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए यह दिन आपको साहस और आत्मविश्वास देगा।

  3. 5 मार्च 2026, गुरुवार

    गुरुवार, जिसे 'बृहस्पतिवार' भी कहते हैं, भगवान बृहस्पति को समर्पित है। बृहस्पति को ज्ञान, समृद्धि, विवाह और संतान का कारक ग्रह माना जाता है। इस दिन फाल्गुन मास की त्रयोदशी तिथि और पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा। पुनर्वसु नक्षत्र का स्वामी बृहस्पति ही है, जिससे इस दिन की शुभता और भी बढ़ जाती है। पुनर्वसु का अर्थ है 'पुनः प्राप्त करना', जो रिश्ते में खोई हुई खुशियों या किसी भी समस्या को सुलझाने में मदद करता है। यह योग प्रेम विवाह के लिए अत्यंत शुभ है, क्योंकि यह रिश्ते में ज्ञान, समझदारी, आपसी सम्मान और समृद्धि लाता है। इस दिन विवाह करने से पति-पत्नी के बीच बौद्धिक और आध्यात्मिक सामंजस्य बढ़ता है। गुरु का आशीर्वाद आपके दांपत्य जीवन को सफल और खुशहाल बनाएगा।

  4. 6 मार्च 2026, शुक्रवार

    शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी और शुक्र ग्रह को समर्पित है। शुक्र ग्रह प्रेम, सौंदर्य, रोमांस और वैवाहिक सुख का कारक ग्रह है। प्रेम विवाह के लिए इससे बेहतर दिन क्या हो सकता है? इस दिन फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि और पुष्य नक्षत्र रहेगा। पुष्य नक्षत्र को 'नक्षत्रों का राजा' कहा जाता है और यह सभी शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसका स्वामी शनि है, जो स्थिरता और दीर्घायु प्रदान करता है, और देवता बृहस्पति हैं, जो समृद्धि देते हैं। शुक्र का बलवान होना और पुष्य नक्षत्र का संयोग, यह दोनों मिलकर आपके प्रेम विवाह को अटूट प्रेम, सुख, समृद्धि और स्थिरता प्रदान करेंगे। यह दिन आपके रिश्ते में रोमांस और सौंदर्य का संचार करेगा।

  5. 7 मार्च 2026, शनिवार

    शनिवार को आमतौर पर कुछ लोग विवाह के लिए टालते हैं, लेकिन कुछ विशेष योगों में यह दिन भी शुभ फलदायी होता है। इस दिन अश्लेषा नक्षत्र रहेगा, जिसका स्वामी बुध है। बुध ग्रह बुद्धि, संचार और तर्क का प्रतीक है। इसके साथ ही, पूर्णिमा तिथि का भी प्रभाव रहेगा। पूर्णिमा तिथि अपने आप में पूर्णता और संपन्नता का प्रतीक है। इस दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं में होता है, जो मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा देता है। अश्लेषा नक्षत्र प्रेम विवाह में आपसी समझ और संवाद को बढ़ाता है, जो किसी भी रिश्ते की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह दिन उन जोड़ों के लिए अच्छा है जो अपने रिश्ते में गहराई और मजबूत संचार चाहते हैं।

  6. 9 मार्च 2026, सोमवार

    सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्रमा को समर्पित है। चंद्रमा मन, भावनाओं और शांति का कारक है। इस दिन चैत्र मास की द्वितीया तिथि और हस्त नक्षत्र रहेगा। हस्त नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है, जो इसे और भी शुभ बनाता है। यह नक्षत्र कला, कौशल और रचनात्मकता का प्रतीक है। विवाह के लिए यह दिन बहुत अनुकूल है क्योंकि यह रिश्ते में भावनात्मक जुड़ाव, शांति और एक-दूसरे के प्रति समर्पण को बढ़ावा देता है। सोमवार को विवाह करने से दांपत्य जीवन में मानसिक शांति और प्रेम में वृद्धि होती है। यह उन जोड़ों के लिए उत्तम है जो अपने रिश्ते में भावनात्मक सुरक्षा और पोषण चाहते हैं।

  7. 10 मार्च 2026, मंगलवार

    पुनः मंगलवार का दिन, लेकिन इस बार एक नए और शक्तिशाली योग के साथ। इस दिन चैत्र मास की तृतीया तिथि और चित्रा नक्षत्र रहेगा। चित्रा नक्षत्र का स्वामी मंगल है, जो इसे अत्यंत ऊर्जावान और उत्साहपूर्ण बनाता है। चित्रा नक्षत्र रचनात्मकता, सौंदर्य और आकर्षण का प्रतीक है। यह नक्षत्र विवाह के लिए बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह जीवन में सौंदर्य, जुनून और उत्साह लाता है। मंगल का आशीर्वाद आपके रिश्ते में ऊर्जा और साहस का संचार करेगा, जिससे आप जीवन की हर चुनौती का मिलकर सामना कर पाएंगे। यह दिन प्रेम विवाह के लिए विशेष रूप से शुभ है, जहां पति-पत्नी एक-दूसरे के प्रति आकर्षण और ऊर्जावान संबंध चाहते हैं।

  8. 13 मार्च 2026, शुक्रवार

    खरमास से ठीक पहले का यह अंतिम शुभ मुहूर्त है और यह अत्यंत शक्तिशाली है। शुक्रवार होने के कारण शुक्र ग्रह का प्रभाव प्रबल रहेगा, जो प्रेम और वैवाहिक सुख का कारक है। इस दिन चैत्र मास की षष्ठी तिथि और ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा। ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी बुध है, जो बुद्धि और संचार का प्रतीक है। वहीं, इस नक्षत्र के देवता इंद्र हैं, जो शक्ति और नेतृत्व के कारक हैं। ज्येष्ठा नक्षत्र अपने आप में नेतृत्व और दृढ़ता को दर्शाता है। यह योग प्रेम विवाह में स्थिरता, मजबूत निर्णय लेने की क्षमता और आपसी समझ को बढ़ाता है। खरमास के ठीक पहले यह शुभ मुहूर्त आपके प्रेम विवाह को एक मजबूत और स्थायी नींव प्रदान करेगा, जिससे आपका दांपत्य जीवन सफलता और खुशियों से भरा रहेगा।

इन 8 तारीखों में से आप अपनी सुविधा और पसंद के अनुसार किसी एक को चुन सकते हैं। याद रखें, ये सभी तारीखें खरमास शुरू होने से पहले की हैं, जो उन्हें और भी विशेष बनाती हैं।

प्रेम विवाह में ज्योतिषीय परामर्श की भूमिका

भले ही यह प्रेम विवाह हो, लेकिन ज्योतिषीय परामर्श का महत्व कम नहीं होता। एक अनुभवी ज्योतिषी आपकी और आपके साथी की जन्म कुंडली का विश्लेषण करके कई महत्वपूर्ण बातों का खुलासा कर सकता है।

कुंडली मिलान का महत्व

पारंपरिक विवाहों में कुंडली मिलान को बहुत महत्व दिया जाता है। प्रेम विवाह में भी, मैं आपको सलाह दूंगा कि आप एक बार अपनी और अपने साथी की कुंडली का विश्लेषण अवश्य कराएं। इसका मतलब यह नहीं है कि अगर कुछ दोष दिखें तो आप शादी तोड़ दें, बल्कि इसका अर्थ है कि आप उन दोषों को समझें और उनके निवारण के लिए उपाय कर सकें।

  • ग्रहों की अनुकूलता: ज्योतिषी यह देख सकते हैं कि आपके और आपके साथी के ग्रहों की स्थिति एक-दूसरे के लिए कितनी अनुकूल है। विशेषकर शुक्र (प्रेम), बृहस्पति (विवाह) और चंद्रमा (मन) की स्थिति।
  • सप्तम भाव का विश्लेषण: विवाह का मुख्य भाव सप्तम भाव होता है। इस भाव में बैठे ग्रह और इसके स्वामी की स्थिति दांपत्य जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है।
  • पंचम भाव का विश्लेषण: यह प्रेम और संतान का भाव होता है। प्रेम विवाह में इस भाव का मजबूत होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • मंगल दोष: यदि किसी एक या दोनों की कुंडली में मंगल दोष है, तो इसके प्रभावों को समझने और उसके निवारण के लिए सलाह लेना महत्वपूर्ण है। प्रेम विवाह में अक्सर मंगल दोष का निवारण नहीं किया जाता, जिससे बाद में समस्याएं आ सकती हैं।
  • अन्य दोष और उपाय: नाड़ी दोष, भकूट दोष जैसे कई अन्य दोष भी होते हैं, जिनके निवारण के लिए ज्योतिषी रत्न, मंत्र या पूजा का सुझाव दे सकते हैं।

याद रखें, कुंडली मिलान का उद्देश्य शादी रोकना नहीं, बल्कि उसे और भी मजबूत और सफल बनाना है। यह आपको अपने साथी की प्रकृति और संभावित चुनौतियों को समझने में मदद करता है।

अपने शुभ मुहूर्त का चयन कैसे करें?

अब जब आपके पास इतनी सारी शुभ तारीखें हैं, तो सवाल उठता है कि सही तारीख का चुनाव कैसे करें? यहाँ कुछ सुझाव दिए गए हैं:

  1. व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण: सबसे पहले, एक अनुभवी ज्योतिषी से अपनी और अपने पार्टनर की जन्म कुंडली का विश्लेषण करवाएं। वे आपको इन 8 तारीखों में से वह तारीख बता सकते हैं जो आपकी व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार सबसे अधिक अनुकूल होगी। यह सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
  2. परिवार की सुविधा: अपनी और अपने पार्टनर के परिवार के सदस्यों की सुविधा को भी ध्यान में रखें। सभी के लिए सुविधाजनक तारीख चुनना महत्वपूर्ण है, खासकर अगर आप परिवार की सहमति से विवाह कर रहे हैं।
  3. व्यावहारिक विचार: वेन्यू की उपलब्धता, मेहमानों की सुविधा, और अन्य लॉजिस्टिक पहलुओं को भी ध्यान में रखें। हालांकि, ज्योतिषीय शुभता को प्राथमिकता देना हमेशा बेहतर होता है।
  4. दिल की सुनो: आखिर में, उस तारीख को चुनें जो आपके और आपके साथी के दिल को सबसे ज्यादा सुकून दे। जब मन प्रसन्न होता है, तो हर कार्य में सफलता मिलती है।

प्रेम विवाह को सफल बनाने के लिए ज्योतिषीय उपाय और व्यावहारिक सुझाव

एक शुभ मुहूर्त में विवाह करना एक बेहतरीन शुरुआत है, लेकिन एक सफल वैवाहिक जीवन के लिए निरंतर प्रयास और कुछ ज्योतिषीय उपायों की भी आवश्यकता होती है।

विवाह को सफल बनाने के लिए ज्योतिषीय उपाय

  • भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा: नियमित रूप से शिव-पार्वती की पूजा करने से दांपत्य जीवन में प्रेम, सामंजस्य और स्थिरता आती है। सोमवार को शिव मंदिर जाकर जल चढ़ाना और माता पार्वती को श्रृंगार अर्पित करना बहुत शुभ होता है।
  • लक्ष्मी-नारायण की उपासना: देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु को धन, समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है। शुक्रवार को लक्ष्मी-नारायण की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
  • गुरु मंत्र और शुक्र मंत्र का जाप: विवाह के कारक ग्रह बृहस्पति (गुरु) और शुक्र हैं। अपने गुरु मंत्र का जाप करने और शुक्र मंत्र 'ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः' का नियमित जाप करने से वैवाहिक जीवन में प्रेम और खुशियां बढ़ती हैं।
  • रत्न धारण: यदि आपकी कुंडली में कोई ग्रह कमजोर है जो विवाह या दांपत्य जीवन को प्रभावित कर रहा है, तो ज्योतिषी की सलाह पर उपयुक्त रत्न धारण करना बहुत लाभदायक हो सकता है (जैसे शुक्र के लिए हीरा या ओपल)।
  • दान: गुरुवार को पीले वस्त्र या चने की दाल का दान करना बृहस्पति को मजबूत करता है, और शुक्रवार को सफेद वस्तुओं (चावल, दूध, चीनी) का दान शुक्र को प्रसन्न करता है।

वैवाहिक जीवन के लिए व्यावहारिक सुझाव

  • आपसी सम्मान और समझ: एक-दूसरे के विचारों, भावनाओं और निर्णयों का सम्मान करें। एक-दूसरे को समझने का प्रयास करें, मतभेदों को प्यार से सुलझाएं।
  • संचार का महत्व: खुलकर बात करें। अपनी खुशियों, चिंताओं और अपेक्षाओं को एक-दूसरे के साथ साझा करें। गलतफहमी को पनपने न दें।
  • स्पेस दें: हर व्यक्ति को अपने निजी स्पेस की जरूरत होती है। एक-दूसरे को स्वतंत्रता दें और एक-दूसरे के शौक और रुचियों का सम्मान करें।
  • छोटे-छोटे पल संजोएं: प्यार का इजहार केवल बड़े-बड़े गिफ्ट्स या मौकों पर नहीं होता, बल्कि छोटे-छोटे इशारों और पलों में भी होता है। एक-दूसरे को सरप्राइज दें, तारीफ करें और साथ में क्वालिटी टाइम बिताएं।
  • परिवार के साथ सामंजस्य: प्रेम विवाह में अक्सर परिवारों को राजी करने में समय लगता है। धैर्य रखें और दोनों परिवारों के साथ सामंजस्य बिठाने का प्रयास करें। उन्हें प्यार और सम्मान दें।

अंतिम विचार: एक नई शुरुआत की शुभकामनाएँ

मेरे प्रिय पाठकों, प्रेम विवाह एक पवित्र बंधन है जो दो आत्माओं को जोड़ता है। जब आप अपने जीवन साथी का चुनाव अपने दिल से करते हैं, तो यह और भी अनमोल हो जाता है। मार्च 2026 में खरमास से पहले इन शुभ मुहूर्तों का चयन करके, आप अपने प्रेम विवाह को एक मजबूत, सकारात्मक और शुभ शुरुआत दे सकते हैं।

याद रखें, ज्योतिष एक मार्गदर्शक है, न कि आपके भाग्य का नियंता। आपके कर्म, आपका प्रेम और आपका समर्पण ही आपके रिश्ते को सबसे अधिक मजबूत बनाता है। इन शुभ मुहूर्तों का लाभ उठाएं और अपने जीवन के इस नए अध्याय की शुरुआत पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ करें।

मैं अभिषेक सोनी, abhisheksoni.in की तरफ से आपको और आपके होने वाले जीवनसाथी को एक सुखी, समृद्ध और प्रेमपूर्ण वैवाहिक जीवन की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ। आपका प्रेम सदा अमर रहे!

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